Join Our Community

Publish Your Poems

CLICK & SUPPORT

होलिका दहन – कज प्रियम

0 403

होलिका दहन – कज प्रियम

फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन Falgun Purnima Holika Dahan
फाल्गुन पूर्णिमा होलिका दहन Falgun Purnima Holika Dahan

CLICK & SUPPORT

बुराई खत्म करने का प्रण करें
आओ फिर होलिका दहन करें।
औरत की इज्जत का प्रण करें,
आओ फिर होलिका दहन करें। यहां तो हर रोज जलती है नारी
दहेज कभी दुष्कर्म की है मारी
रोज कोई रावण अपहरण करे
पहले इनका मिलकर दमन करे
आओ फिर….. हर घर प्रह्लाद सा कुंठित जीवन
मां बाप के सपनों मरता बचपन
होटलो में मासूम धो रहा बरतन
पहले तो इन मुद्दों का शमन करें
आओ फिर … सरहद पे रोज चलती है गोली
पहियों तले कुचलती है बोली
भूख कर्ज में रोती जनता भोली
पहले इतने बोझ को वहन करें
आओ फिर … आओ फिर होलिका दहन करे
आओ फिर होलिका दहन करें।

पंकज प्रियम

Leave A Reply

Your email address will not be published.