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हिन्दी गीत: हम तो लुट गये, यारा बेफिक्री से – मनीभाई नवरत्न

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ना अजनबी से,
ना करीबी से,
हम तो लुट गये,
यारा, बेफिक्री से।
ना अमीरी से,
ना गरीबी से,
हम तो लुट गये,
यारा, बेफिक्री से।
आज में जीये, कल को भुलाये।
हम ना गये, किसी के बुलाये।
मन ने जो चाहा, वही करते गये।
जग के उसूल, कभी ना समझ पाये
ना नसीब से, ना बदनसीबी से।
हम तो लुट गये,
यारा, बेफिक्री से।।

——–

——–(क्रमशः)

-मनीभाई नवरत्न

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