KAVITA BAHAR
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हिन्दी गीत : हुजूर तुम हो – मनीभाई नवरत्न

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हुजूर तुम….
हुजूर तुम हो….
हुजूर तुम हो मेरे रहबर ।
पास आए ….
पास आए तुम….
पास आए तुम मेरे इस कदर।
कि जीने की ख्वाहिश मुझे हो चली।
कि ढूंढूं तुझे मैं गली गली ।
तुमसे हूं …
तुमसे हूं जिंदा ….
तुमसे हूं जिंदा मेरे परवर
पाके तुझे …
पाके तुझे मैं …..
पाके तुझे मैं गई नहीं निखर।
आजकल खुद से ज्यादा ,
तेरी फिक्र होने लगी है ।
सपनों में भी ,अपनों में भी
तेरी जिक्र होने लगी है ।
मेरी आरजू तू …मेरी चारसू तू …
तू ही जुस्तजू मेरी…  गुप्तगूं तू
अब तो….
अब तो तुम…..
अब तो तुम मेरे हमसफर ।
पास आए……
पास आए तुम ….
पास आए तुम मेरे इस कदर।
कर लिया , खुद से वादा
चाहूंगा तुझे मरते दम तक ।
आफतो में भी, राहतों में भी
रहूंगा संग मरते दम तक ।
मेरी आशिकी तू , मेरी ऐयारी तू।
तू ही बेखुदी ..मेरी , बेदारी तू ।
जान लो …
जान लो तुम …
जान लो तुम मेरी खबर ।
पास आए ..
पास आए तुम …
पास आए तुम मेरे इस कदर।
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