हिन्दी गीत : हुजूर तुम हो – मनीभाई नवरत्न

हुजूर तुम….
हुजूर तुम हो….
हुजूर तुम हो मेरे रहबर ।
पास आए ….
पास आए तुम….
पास आए तुम मेरे इस कदर।
कि जीने की ख्वाहिश मुझे हो चली।
कि ढूंढूं तुझे मैं गली गली ।
तुमसे हूं …
तुमसे हूं जिंदा ….
तुमसे हूं जिंदा मेरे परवर
पाके तुझे …
पाके तुझे मैं …..
पाके तुझे मैं गई नहीं निखर।
आजकल खुद से ज्यादा ,
तेरी फिक्र होने लगी है ।
सपनों में भी ,अपनों में भी
तेरी जिक्र होने लगी है ।
मेरी आरजू तू …मेरी चारसू तू …
तू ही जुस्तजू मेरी…  गुप्तगूं तू
अब तो….
अब तो तुम…..
अब तो तुम मेरे हमसफर ।
पास आए……
पास आए तुम ….
पास आए तुम मेरे इस कदर।
कर लिया , खुद से वादा
चाहूंगा तुझे मरते दम तक ।
आफतो में भी, राहतों में भी
रहूंगा संग मरते दम तक ।
मेरी आशिकी तू , मेरी ऐयारी तू।
तू ही बेखुदी ..मेरी , बेदारी तू ।
जान लो …
जान लो तुम …
जान लो तुम मेरी खबर ।
पास आए ..
पास आए तुम …
पास आए तुम मेरे इस कदर।
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़

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