KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

हिंदी संग्रह कविता-जन्म चाहिए प्यारे हिन्दुस्तान में

0 1,420

जन्म चाहिए प्यारे हिन्दुस्तान में


एक हमारी छोटी विनती, भगवन ! रखना ध्यान में,
हमें हमेशा पैदा करना, प्यारे हिन्दुस्तान में ॥


सिर पर है हिम मुकुट सलोना, कंठहार गंगा-यमुना,
हरियाली की चादर मनहर, फूल – फलों का है गहना।
चन्दन भरी हवा लहराती, प्यारे हिन्दुस्तान में ॥ एक हमारी

राम-कृष्ण की जन्मभूमि यह, वीर भगत की यह धरती,
रानी झाँसी और पद्मिनी की गाथा दुनियां कहती।
राणा और शिवाजी जन्मे प्यारे हिन्दुस्तान में। एक हमारी

तन तज कर हम स्वर्ग में जायें, इसकी हमको चाह नहीं,
बनें मनुज चाहे पशु-पक्षी, इसकी भी परवाह नहीं।
जो भी बनें, बनें हम अपने प्यारे हिन्दुस्तान में। एक हमारी

मिले हमें सोना – चाँदी या मिले हमें हीरा मोती,
या कुबेर का मिले खजाना, कभी नहीं इच्छा होती।
हम फूटी कौड़ी पाकर खुश प्यारे हिन्दुस्तान में॥ एक हमारी

नहीं चाहिए वस्त्र रेशमी, नहीं चाहिए आभूषण,
नहीं चाहिए महल-अटारी, नहीं चाहिए सिंहासन।
हमको केवल जन्म चाहिए प्यारे हिन्दुस्तान में॥ एक हमारी

इसके पैरों की माटी अपने माथे का टीका है,
इसके एक घुट पानी के आगे अमृत फीका है।
मुझे घास की रोटी अच्छी प्यारे हिन्दुस्तान में ॥ एक हमारी

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.