KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

जय गणेश गणनायक देवा,बिपदा मोर हरौ-बोधन राम निषादराज

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बिष्णु पद छंद- *जय गणेश*
(छत्तीसगढ़ी में)
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जय गणेश गणनायक देवा,बिपदा मोर हरौ।
आवँव तोर दुवारी मँय तो, झोली मोर भरौ।।1।।

दीन-हीन लइका मँय देवा,आ के दुःख हरौ।
मँय अज्ञानी दुनिया में हँव,मन मा ज्ञान भरौ।।2।।

गिरिजा नन्दन हे गण राजा, लाड़ू हाथ धरौ।
लम्बोदर अब हाथ बढ़ाओ,किरपा आज करौ।।3।।

शिव शंकर के सुग्घर ललना,सबके ख्याल करौ।
ज्ञानवान तँय सबले जादा,जग में ज्ञान भरौ।।4।।

जगमग तोर दुवारी चमके,स्वामी चरन परौं।
एक दंत स्वामी हे प्रभु जी,तोरे बिनय करौं।।5।।
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छंदकार:-
बोधन राम निषादराज”विनायक”
सहसपुर लोहारा,जिला-कबीरधाम(छ.ग.)

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2 Comments
  1. अनाम says

    बहुत खूब👌👌👌👌👌

  2. बोधन राम निषाद राज "विनायक" says

    बहुत सुन्दर सर जी