KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

जय करवा मइया…..

प्रस्तुत हिंदी गीत जय करवा मइया डी कुमार– अजस्र (दुर्गेश मेघवाल बूंदी राजस्थान) द्वारा करवा चौथ पर्व पर विशेष प्रस्तुति के रूप में स्वरचित गीत है ।

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विधा :- कविता
करवा चौथ के पावन पर्व पर सभी करवा मइया की आराधना में डूबे हुए भक्तों को समर्पित..

जय करवा मइया

मइया करवा मइया ,
मइया ओ करवा मइया ।

करवा मइया तेरी मेहरबानी रहे ,
मेरे सजना की जीवन रवानी रहे ।

सात फेरों के थे जो वचन वो ,
मिलके निभते रहे, तेरी जय हो ।
मांग सिंदूर भरे,जीवन संग-संग चले ।
मेरी धड़कन उन्हीं की दीवानी रहे ।
दीवानी रहे…मइया करवा मइया
करवा मइया तेरी मेहरबानी रहे ,
मेरे सजना की जीवन रवानी रहे ।

मेरी सुनले तू अब मोरी मइया ,
मेरे जीवन की तू ही खेवइया।
जीवन ये भी रहे ,भले फिर से मिले ।
मेरी सजना के संग ही कहानी रहे ।
कहानी रहे…मइया करवा मइया
करवा मइया तेरी मेहरबानी रहे ,
मेरे सजना की जीवन रवानी रहे ।

माह कातिक का जब-जब भी आये,
करके पूजन तुझे हम मनाएं ,
सजना संग-संग रहे ,हर सुहागन कहे ।
मरते दम तक वो राजा की रानी रहे ।
वो रानी रहे…..मइया करवा मइया
करवा मइया तेरी मेहरबानी रहे ,

मेरे सजना की जीवन रवानी रहे ।
मइया करवा मइया ,
मइया ओ करवा मइया ।

*डी कुमार–अजस्र(दुर्गेश मेघवाल,बून्दी/राज)*

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