Join Our Community

Publish Your Poems

CLICK & SUPPORT

जिंदगी के सफर पर कविता- हरीश पटेल

0 337

जिंदगी के सफर पर कविता

ज़िंदगी का सफ़र है मृत्यु तक।
तुम साथ दो तो हर शै मयख़ाना हो !

हर रोज.. है एक नया पन्ना।
हर पन्ने में, तेरा फ़साना हो !!

यहाँ हर पल बदलते किस्से हैं 
हर किस्से का अलग आधार है ।
अपने दायरे में सब सच्चे हैं 
उनका बदलता बस किरदार है ।

लगता कोई पराया अपना-सा हो 
कभी लगता दूर का अनजाना हो ।।
ज़िंदगी का सफ़र है मृत्यु तक।
तुम साथ दो तो हर शै मयख़ाना हो !

CLICK & SUPPORT

सभी फंसे हैं समय-चक्र में,
उसके ना कोई पार है ।
कुछ खट्टी, कुछ मीठी यादें हैं 
वही जीवन का सार है ।।

शोरगुलों के और महफ़िलों के दरमियां 
लगता है दिल में भरा विराना हो ।।
ज़िंदगी का सफ़र है मृत्यु तक।
तुम साथ दो तो हर शै मयख़ाना हो !

सांझ ढले जब जीवन का।
याद तुम्हारी इन आंखों पर हो।।
खुशियों का हो मेरा रैन बसेरा ।
भरोसा ख़ुद के पांखों पर हो।।

तन्हाई में गुनगुनाने को आख़िर 
जीवन का नया तराना हो ।।
ज़िंदगी का सफ़र है मृत्यु तक।
तुम साथ दो तो हर शै मयख़ाना हो !

हर रोज.. है एक नया पन्ना।
हर पन्ने में, तेरा फ़साना हो।।
                             ✍हरीश पटेल
कविता बहार से जुड़ने के लिये धन्यवाद

Leave A Reply

Your email address will not be published.