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जय गणपति जय पार्वती सुत- गणेश स्तुति

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जय गणपति, जय पार्वती सुत,

गजमुख वंदन, अभिनंदन |

शिव के नंदन, गणनायक,

एकदंत, मस्तक चंदन |

जय गणपति, जय पार्वती सुत

गजमुख वंदन, अभिनंदन |

भूपति, भुवनपति, प्रथमेश्वर

वरदविनायक, बुद्धिप्रिय,

बुद्धिविधाता, सिद्धिदाता

विघ्नेश्वर तुम, सिद्धिप्रिय |

सकल जगत में गूँज रहा है,

आपका ही महिमा मंडन |

जय गणपति, जय पार्वती सुत

गजमुख वंदन, अभिनंदन |

वक्रतुण्ड, कीर्ति, गणाध्यक्ष

महागणपति, एकाक्षर,

एकदंत, मूषकवाहन,

नादप्रतिष्ठित, लंबोदर |

पीताम्बर पट देह पे सोहे,

मंगलमूर्ति करें मंगल |

जय गणपति, जय पार्वती सुत

गजमुख वंदन, अभिनंदन |

  • उमा विश्वकर्मा , कानपुर, उत्तरप्रदेश
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