हिन्दी कविता : कलम की ताकत-महेंद्र देवांगन माटी

हिन्दी कविता :  कलम की ताकत-महेंद्र देवांगन माटी
कविता बहार

कलम की ताकत

समझ कलम की ताकत को अब ,

क्या से क्या कर देती है ।

कभी शांति की वार्ता लिखती ,

कभी युद्ध कर देती है ।।

कभी किसी की प्राण बचाती ,

कभी प्राण ले लेती है ।

अपराधी को सीधा करती ,

फाँसी भी दे देती है ।।

घाव बने जो तलवारों से  , 

जल्दी ही भर जाता है ।

अगर कलम से लिखा गया तो ,

कभी नहीं मिट पाता है ।।

  • महेंद्र देवांगन माटी
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