कमाए धोती वाला ,खाए टोपी वाला (kamaye dhotiwala,khaye topiwala)

कमाए धोती वाला ,खाए टोपी वाला (kamaye dhotiwala,khaye topiwala)

तेरी व्यथा,तेरी कथा,समझे ना ये दुनिया।
लूटा तुझे अमीरों ने, पकड़ा दिया झुनझुनिया ।
तूने आग में चलके ,पड़ाया रे पांव में छाला ।
कमाए धोती वाला ,खाए टोपी वाला ।।1।।

खड़े किए ,तूने सैकड़ों मंजिल ।
फिर भी निडर तेरा ,दहला ना दिल ।
तेरे खुन काम से हाथों में ,जब बह आए ।
जालिम लोगों ने समझा, तू है कातिल ।
तेरे सपनों पर ,तेरे अपनों पर, लग गया ताला।
कमाए धोती वाला, खाए टोपी वाला ।।2।।

जोड़ें तूने रेशा-रेशा ,
बुनने की तेरी सुंदर पेशा।
दुनिया के लिए कपड़ा बनाया,
फिर भी बदन तेरी खुला कैसा।
तेरे नाम पे ,तेरे काम पे,पड़ गया रे जाला ।
कमाए धोती वाला, खाए टोपी वाला।।3।।
मनीभाई नवरत्न
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़