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कपटी करोना जीव के काल होगे

कपटी करोना जीव के काल होगे

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कपटी करोना जीव के काल होगे

जंजाल होगे मानुस बर
कपटी करोना जीव के काल होगे।।
छोटे बड़े नई चिन्हैं अंधरा,
सबो ल बारे तै बन अंगरा।
तपे तै तपनी अईसे बैरी ,
कुबेर घलो कंगाल होगे ।
जंजाल होगे मानुस बर
कपटी करोना जीव के काल होगे।।
जमो जिनिस अउ हाथ म रईथे,
छूत महामारी तोला कईथे।
मुँह म तोपना हाथ म साबुन
घर घर ह अस्पताल होगे ।
जंजाल होगे मानुस बर,
कपटी करोना जीव के काल होगे।।
डाक्टर पुलिस अफसर बाबू ,
हावै करोना म सबले आघु।
जगा जगा म लागे हे करफू ,
करमईता के भुंईया हड़ताल होगे ।
जंजाल होगे मानुस बर,
कपटी करोना जीव के काल होगे।।
देहरी बंद हवय देवता के ,
प्रथा सिरावत हे नेवता के ।
घर म रहना कहूँ नई जाना
भीड़ घलौ जी के काल होगे ।
जंजाल होगे मानुस बर,
कपटी करोना जीव के काल होगे।।
सुन्ना परगे गाँव शहर ह,
हवा म बगरे एखर जहर ह।
बम बारुद के भरे खजाना,
इहा दवई के दुकाल होगे ।
जंजाल होगे मानुस बर,
कपटी करोना जीव के काल होगे।।
पैसा वाला मस्त हावै,
जमो गरीब त्रस्त हावै।
रंग रंग केे पकवान कहूं ल,
पेज पसिया के मुहाल होगे।
जंजाल होगे मानुस बर,
कपटी करोना जीव के काल होगे।।
गुजर बसर के नियम बदलगे,
चीन देस के जादू ह चलगे।
हाथ ल धो के पाछू परगे ,
चारोमुड़ा सुनसान होगे ।
जंजाल होगे मानुस बर,
कपटी करोना जीव के काल होगे।।

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