KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

काश मेरा भी भाई होता !! रक्षाबंधन पर कविता

रक्षाबंधन की हार्दिक शुभकामनाएँ ।। रक्षाबंधन पर बहन के तरफ से भाई के लिए प्रेम भावना प्रकट किया है ।।

0 592

काश मेरा भी भाई होता !!
मैं भी रक्षाबंधन मनाती,
राखी को देख दिल कहता है,
कि काश मेरा भी भाई होता ।
काश मेरा भी भाई होता ॥

रक्षाबंधन के दिन सुबह ही उठती,
आरती की थाली सजाती।
राखी और मिठाई लेकर जाती,
भाई को राखी बाँधती ।
और कहती कि मेरा तोहफा दो ,
तोहफे को देख मुस्कुराती ।
और पुरे घर में झूम जाती ।।

राखी की थाली है सजाई,
बाॅधने के लिए नहीं मिली कलाई,
वैसे तो सब कहते हैं मैं हूँ तेरा भाई,
बनकर रहूँगा तेरी परछाई ,
पर फिर भी जाने क्यूँ यह बात है याद आई,
कि काश मेरा भी होता कोई अपना भाई ।
काश मेरा भी भाई होता ।।

भाई बहन के प्यार को देख ऑखे हो जाती है नम ,
लडाई झगड़ा सबसे करती हूँ बहुत कम ।
सभी भाई बहन को देख हो जाती हूँ गुम,
भाई दुज के दिन भी हो जाती हूँ नम ,
हर बार आता यही ख्याल;
काश मेरा भी भाई होता !!
काश मेरा भी भाई होता !!

रबिना विश्वकर्मा
[उ•प्र• ;; जिला जौनपुर ;; हथेरा (मोथूपुर)]
पिन: : 222128

Leave A Reply

Your email address will not be published.