जय हो छत्तीसगढ़ मैया (Jai ho chhattisgarh maiyya) – श्रीमती शशिकला कठोलिया,

जय हो छत्तीसगढ़ मैया  जय हो जय हो छत्तीसगढ़ मैया, सुन लोग हो जाते स्तंभित, राष्ट्रगान सा स्वर है गुजँता, छत्तीसगढ़ का यह राज गीत,नरेंद्र देव वर्मा की अमर रचना, है उसकी आत्मा की…

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छत्तीसगढ़ महतारी के महिमा ल बखान करत हे ए छत्तीसगढ़ी कविता, जेला लिखिन हे कवि पुनीत राम सूर्यवंशी जी (chhattisgarh mahtari)

*छत्तीसगढ़ महतारी* सुघ्घर हाबय हमर छत्तीसगढ़ महतारी, ओला जम्मो कोनो कइथे धान के कटोरा।आवव छत्तीसगढ़िया आरुग मितान-संगवारी मन,नवा छत्तीसगढ़ राज बनाय बर हावय।।1।।बोली-भाखा, जाति-पाति, छुआछूत ल,छोड़के कहन हमन हावन एखरेच संतान।महानदी,इंद्रावती,अरपा,पैरी…

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मोर मया के माटी-राजेश पान्डेय वत्स जी छत्तीसगढ़ी कविता (Mor maya ke mati)

-मोर मया के माटी- -------------------------छत्तीसगढ़ के माटीअऊ ओकर धुर्रा।तीन करोड़ मनखेसब्बौ ओकर टुरी टुरा।। धान के बटकी कहाय,छत्तीसगढ़ महतारी।अड़बड़ भाग हमर संगीजन्में येकरेच दुआरी।। एकर तरपांव धोवय बरआइन पैरी अरपा।महानदी गंगा जईसनखेत…

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छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस पर रचित दूजराम साहू जी की कविता चलो नवा सुरुज परघाना हे, जरूर पढ़ें

  ?चलो नवा सुरुज परघाना हे?      ??????            छत्तीसगढ़ राज्य पायेहन      चलो नवा सुरुज परघाना हे !       भारत माता के…

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बिहार के कवि बांकेबिहारी बरबीगहीया जी का छत्तीसगढ़ प्रदेश को लेकर जो भावनायें हैं उसे सुंदर ढंग से अपने कविता में पिरोया है …. (Hari ka desh Chhattisgarh)

हरि का देश छत्तीसगढ़-बाँके बिहारी बरबीगहीया आर्यावर्त के हृदय स्थल परछत्तीसगढ़ एक नगर महान।कर्मभूमि रही श्रीराम प्रभु कीसंत गाहीरा,घासीदास बड़े विद्वान।संस्कृति यहाँ की युगों पुरानीअदृतीय धरा यह पावन धाम ।यहाँ…

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छत्तीसगढ़ का वैभव का गुणगान करती हुई कवयित्री शशिकला कठोलिया यह कविता जरुर पढ़िए….(chhattisgarh ka vaibhav)

छत्तीसगढ़ का वैभव कहलाता धान का कटोरा ,है प्रान्त वनाच्छादित ,महानदी ,इंद्रावती, हसदो, शिवनाथ करती सिंचित, छत्तीसगढ़ की गौरवशाली, समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, जनजीवन पर दिखता, सामाजिकता व इंसानियत,हुए हैं छत्तीसगढ़ में,बड़े बड़े साहित्यकार,लोचन ,मुकुटधर ,माधव ,गजानन…

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