छंद में प्रयुक्त अक्षरों की संख्या एवं क्रम, मात्रा-गणना होती है. इसके अलावा, यति-गति से सम्बद्ध विशिष्ट नियमों से नियोजित पद्य रचना ‘’छन्द’’ कहलाती है। छंद शब्द के मूल में गति का भाव है।

The number and order of the letters used in the verse is a quantity-calculation. In addition, the verse formulation employed by specific rules related to the Yeti-motion is called “Chhand”. At the root of the word stanza is the sense of motion.

ऊर्जा संरक्षण 
ऊर्जा संरक्षण दिवस

ऊर्जा संरक्षण 

ऊर्जा संरक्षण           (1) ऊर्जा सदा बचाइये, सीमित यह भंडार। धरती का वरदान है, जग विकासआधार। जग विकास आधार , समझ कर इसे खरचना। बढ़े नहीं…

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नव वर्ष आया सखी
नव वर्ष की शुभकामना

नव वर्ष आया सखी

नव वर्ष आया सखी शीतल बयार लिये,        नूतन श्रृंगार किये,               नव वर्ष आया सखी,            …

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नये साल की शुभकामना
नव वर्ष की शुभकामना

नये साल की शुभकामना

नये साल की शुभकामना विधान :---    सुगीतिका छंद ( 25 मात्रा )        आदि लघु (1)पदांत दीर्घ लघु (21)                …

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युवा वर्ग आगे बढ़ें
घनाक्षरी 

युवा वर्ग आगे बढ़ें

युवा वर्ग आगे बढ़ें छन्द - मनहरण घनाक्षरी    युवा वर्ग आगे बढ़ें,  उन्नति की सीढ़ी चढ़ें,        नूतन समाज  गढ़ें,              …

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अयोध्या मंदिर निर्माण

अयोध्या मंदिर निर्माण अवधपुरी भगवा हुई, भू-पूजन की धूम। भारतवासी के हृदय, आज रहे हैं झूम।। दिव्य अयोध्या में बने, मंदिर प्रभु का भव्य। सकल देश का स्वप्न ये, सबका…

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महात्मा गाँधी पर दोहे

महात्मा गाँधी पर दोहे ★★★★★★★★★★★★★★★★ सत्य धरम की राह पर,चलकर हुए महान। भारत आज स्वतंत्र है,पा जिनका अवदान।। परम अहिंसा धर्म का,बनकर नित ही भक्त। राग द्वेष छल दंभ का…

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मत्तगयन्द सवैया-आकर देख जरा अब हालत-गीता द्विवेदी

मत्तगयन्द सवैया-आकर देख जरा अब हालत --------------------- (1) आकर देख जरा अब हालत मैं दुखिया बन बाट निहारी। श्यामल रूप रिझा मन मीत बना कर लो रख हे गिरधारी। काजल…

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