KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

किरीट सवैया पर कविता

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किरीट सवैया  आठ भगण

भारत भव्य विचार सदा शुभ, भारत सद् व्यवहार सदा शुभ
भारत मंगल कारक है नित, भारत ही हित कारक है शुभ।
भारत दिव्य प्रकाश सदा शुभ, भारत कर्म प्रधान सदा शुभ।
भारत भावन भूमि महा शुचि, भारत पावन धार सदा शुभ।

पुष्पाशर्मा”कुसुम”

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