कुछ तो है तेरे मेरे बीच -मनीभाई नवरत्न

कुछ तो है तेरे मेरे बीच -मनीभाई नवरत्न

कुछ तो है 

तेरे मेरे बीच 

जो मैं कह नहीं सकता .

और तुम सुन नहीं सकते.

इस कुछ को खोज रहा हूँ .

जो मिले तुम्हें बता देना.

आखिर तुम कह सकते हो.

और मैं सुन लूँगा.

मैं पूछता मेरे ख्यालों से दिन रात

क्यूँ सिर उठाते हैं देखकर तुम्हें

दिल के सारे जज्बात.

तुम अपने तो नहीं 

ना कभी होगे.

पर गैरों सा ये मन 

तुम्हें अपना लेना चाहता है

जो भी मिला अब तक ज़िन्दगी में

वो सब देना चाहता है.

इसलिए नहीं कि

हासिल करना हैं तुम्हें.

इसीलिए भी नहीं कि,

काबिल हूँ मैं तेरे लिए.

पर फिर भी….

कुछ और सोचूं इस खातिर

बोल उठती है मेरी चेतना.

ठहर जाओ!

इसे रहने दो अनाम .

जो तेरा हो नहीं सकता,

उसे मत करो बदनाम.

पर

कुछ तो है 

तेरे मेरे बीच 

जो मैं कह नहीं सकता .

और तुम सुन नहीं सकते.

लेकिन हाँ ! जी जरुर सकते हैं .

-मनीभाई नवरत्न

 

कुछ तो है तेरे मेरे बीच -मनीभाई नवरत्न
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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़