KAVITA BAHAR
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माँ का कोई मोल नहीं -शिवांशी यादव

मातृ दिवस के इस अवसर पर मेरा सभी लोगों से अनुरोध है कि सभी लोग अपनी माँ की सेवा करें और उनका ध्यान रखें|

घर पे रहिये सुरक्षित रहिये

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माँ का कोई मोल नहीं -शिवांशी यादव

माँ के बारे में क्या लिखूँ ॽ
माँ ने खुद मुझे लिखा है ,
माँ वो खूबसूरत सितारा है
जिसे खुदा ने खुद उतारा है

माँ के कदमों में जन्नत है,
जहाँ पूरी होती हर मन्नत है।
माँ के लिए हर शब्द कम है,
माँ शब्द में ही इतना दम है ॥

माँ के लिए कोई एक दिन नहीं,
हर दिन माँ के लिए होता है|
माँ है तो भगवान पास है,
माँ खूबसूरत एहसास है॥

जो खुद ना खाके खिलाती ,
जो रात भर जगकर सुलाती,
ऐसी माँ का कोई मोल नहीं |
हां!0माँ का कोई तोल नहीं |

मेरी प्यारी माँ के लिए

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6 Comments
  1. Shivanshi says

    Thank you

  2. Anand says

    सुन्दर वर्णन।

  3. Ranjeet says

    बहुत खूबसूरत कविता

  4. Priyanshi says

    Bahut achhe

  5. Sandeep says

    Good

  6. Sandeep says

    Awesome