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माँ का मान कीजिये-मनहरण घनाक्षरी

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माँ का मान कीजिये-मनहरण घनाक्षरी

है माँ की शक्ति अपार
माँ है सृष्टि का आधार
माँ के जैसा कोई नही
माँ का मान कीजिये।


माँ ईश्वर का रूप है
माँ देवी का स्वरूप है
माँ की ममता है न्यारी
माँ को प्यार कीजिये।।


बच्चे की प्रथम गुरु
दुनिया माँ से ही शुरू
माँ प्रेम व विश्वास है
माँ की सेवा कीजिये।।

माँ ममता की मूरत
है भोली भाली सूरत
वात्सल्य का आगार है
आशीर्वाद लीजिए।।

माँ का हृदय विशाल
कर देती खुशहाल
माँ का प्यार अमूल्य है
माँ की भक्ति कीजिये।।

माँ का प्यार निस्वार्थ है
जीवन का यथार्थ है
सृष्टा की अद्भुत सृष्टि
माँ को खुश कीजिये।।

ईश्वर का वरदान
माँ गीता और कुरान
माँ जगत जननी है
माँ का ध्यान कीजिये।।

माँ बिन सृष्टि अधूरी
माँ से होती यह पूरी
माँ से पूरा जहान है
माँ की पूजा कीजिये।।

डॉ एन के सेठी

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1 Comment
  1. Suman sharma says

    सृष्टा की अद्भुत सृष्टि माँ ??
    ????????