Join Our Community

Publish Your Poems

CLICK & SUPPORT

माँ शारदे पर कविता

0 51

माँ शारदे पर कविता (देव घनाक्षरी)

नमन मात शारदे
अज्ञानता से तार दे
करुणा की धार बहा
मुख में दो ज्ञान कवल।।

वीणा पुस्तकधारिणी
भारती ब्रह्मचारिणी
शब्दों में शक्ति भरदो
वाणी में दो शब्द नवल।।

CLICK & SUPPORT

हंस की सवारी करे
तमस अज्ञान हरे
रोशन जहान करे
पहने माँं वस्त्र धवल।।

अज्ञानी है माता हम
करिए दोषों को शम
ज्ञान का दान कर दो
बढ़ जाएगा बुद्धि बल।।

✍️ डॉ एन के सेठी

Leave A Reply

Your email address will not be published.