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माँ आखिर माँ होती है

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माँ आखिर माँ होती है

जब तुम हंसते वो हंसती है
जब तुम रोते वो रोती है
माँ आखिर माँ होती है।


तुमको भूखा देख न पाए
तुमको प्यासा कभी न छोड़े
तुम संग खेले पीछे दौड़े
तेरे सब नखरे सहती है
माँ  तो आखिर माँ होती है।


गा गा लोरी तुझे सुलाए
करवट बदल कर रात बिताए
तुझको कष्ट न होने देती
गीले पर खुद सोती है
माँ  आखिर माँ होती है।


तेरी खातिर सब सहती है
सारी दुनिया से लड़ती है
तेरी खुशी में  उसकी खुशी
बापू की भी न सुनती है
माँ  आखिर माँ होती है।


सोचो वो न होती
तो तुम न होते
जीवन उसने तुम्हें  दिया है
तुमने उसका रक्त पिया है
ये शरीर पर घमन्ड कैसा
सारा तुमको ऋण मिला है
कर्ज दूध का चुका सको तो
जीवन अपना तार सकोगे
कर्म करो ये गीता कहती है
माँ  तो आखिर माँ  होती है


 राकेश नमित

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