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माघ कृष्ण पक्ष षटतिला एकादशी

माघ कृष्ण पक्ष षटतिला एकादशी के उपलक्ष्य में रचना

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माघ कृष्ण पक्ष षटतिला एकादशी

उत्तम तिथि एकादशी,
है शुभ परम पुनीत।
वैष्णव जन करते सदा,
व्रत बन सदा विनीत ।।
माघ माह में पर्व सा,
एकादशी महान।
देती है शुभ फल सदा,
करिये तिल का दान।।
षट् तिल की एकादशी,
होती है हर माघ।
व्रत से आती शक्ति है,
कर्म फलों को लाँघ ।।
तिल को जल मे डालकर,
होवे शुद्ध स्नान ।
मृदु होती सूखी त्वचा,
ऐसा यहाँ विधान।।
तिल के उबटन से मिटे,
कुछ-कुछ त्वचा निशान ।
तिल मिश्रित पानी पिये,
पाचन हो बलवान।।
तिल मिश्रित भोजन सदा,
ऊर्जा से भरपूर।
गरमी लाता वदन मे,
शर्दी करता दूर।।
षट् तिल की एकादशी,
मे होते जो होम।
तिल आहुति से महकते,
देखें धरती-व्योम।।
सूर्य मकर मे पहुँचकर,
देते अद्भुत शक्ति।
भक्त करें आराधना,

जिसकी जैसी भक्ति।।

एन्०पी०विश्वकर्मा, रायपुर