चोका: 8 मैं जमीन हूँ

चोका:-
मैं जमीन हूँ
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मैं जमीन हूँ
मात्र भूखंड नहीं
जो है दिखता।
मुझमें पलते हैं
वन ,खदान
मरूस्थल,मैदान
ताल, सरिता
खेत व खलिहान
अन्न भंडार
बसी जीव संसार
अमृत जल
मुझसे ही बहार
अमूल्य निधि
हूँ अचल संपत्ति
इंसानों की मैं।
कागज टुकड़ों में
कैद करके
जताते अधिकार
लड़ते भाई
होती जिनमें प्यार
मांँ से प्यारी तू
जीने का है आधार
आज तैनात
देश कगार वीर
बचाने सदा
अस्मिता रात दिन
चिर काल से
साम्राज्यवाद जड़ें
जमीन हेतु
पनपती रहती
खून की धार
अविरल प्रवाह
बहती रही
उसे चिंता नहीं है
क्या हो घटित?
इंसानों की वजूद।
हमें ही चिंता
दो बीघा जमीन की
नींद पूरी हो
जहाँ सदा दिन की
ऋणी हैं जमीन की।
✍मनीभाई”नवरत्न”

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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़

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