23 दिसम्बर किसान दिवस 23 December Farmer's Day

मैं किसान बन जाऊंगा – संतराम सलाम

मैं किसान बन जाऊंगा – संतराम सलाम

23 दिसम्बर किसान दिवस 23 December Farmer's Day
23 दिसम्बर किसान दिवस 23 December Farmer’s Day

मां मुझे एक गमछा दे दे,
सिर पर पगड़ी बंधवाउंगा।
हल कंधे पर हाथ में लाठी,
मैं किसान बन जाऊंगा।।

छोटा – छोटा हाथ है मेरा,
छोटे छोटे बैल जूतवाउंगा।
ऊंचा- नीचा खेत है मेरा,
खोदा के समतल करवाऊंगा।।

दाना-दाना बीज छिड़कर,
धान थरहा मैं ड़लवाउंगा।
दवा-खाद और पानी डाल के,
अच्छी उपज बढाउंगा।।

पीला धान के सुनहरे बाली,
अब लहर-लहर लहराएगा।
चींटी कीट – पतंगे मानव ,
अन्न के दाना-दाना खाएगा।।

दाने- दाने को कोई ना तरसे,
ये किसान का कहना है।
धूप बरसात ठंड को सह के,
मेहनत करते ही रहना है ।

अन्न उपजेगा भूख मिटेगा,
भूखा प्यासा जीव ना तरेगा।
घर- द्वार खलिहान कोठी में,
अनाज का भण्डार भरेगा।।


✍ सन्त राम सलाम,
(बालोद) छग।

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