चोका- मेरा चांद

चोका:-मेरा चांद

जगता रहा
मेरा चांद ना आया
छत है सुना
ये दिल घबराया
आंखें तांकती
एक दूजा चांद को
वह कहती
कैसा तेरा चांद वो
वादा मुकरे
सारी रात जगाए
विरह पल
बेकरारी बढ़ाएं
थोड़ी सी कहीं
आहट जो है आती
लबों पर मेरे
मुस्कुराहट छाती
देखूं पलट
एक महज भ्रम
चाहत मेरी
क्या हो गई है कम !
आंखों में फिर
गम का मेघ छाया
वो हकीकत
या है केवल माया।
ये सोच के ही
एक बूंद टपकी
गाल से बाहें
अश्रुधार छलकी
नम करती
मेरे सिरहाने को
एक अकेले
हम गम खाने को
घना अंधेरा
मन है भारी भारी ।
तोड़ ख्वाबों की क्यारी।।
✍मनीभाई”नवरत्न”

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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़

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