मेरे रामलला का राज हुआ-शिवराज चौहान


*राम जन्म भू मंदिर पूजन,*
*नव दिन का आगाज हुआ।*
*आज अयोध्या में फिर से,*
*मेरे रामलला का राज हुआ।।*

सदियां बीती इंतजार में,
कब ऐसा दिन आएगा।
जब मंदिर के गुरु शिखर पे,
धर्म ध्वज फहराएगा।।
आखिर केसरिया फिर से,
हर हिंदू का सरताज हुआ…

सुबक रही थी सरयू सरिता,
देख दशा हालातों की।
चरण पखारूं रघुनंदन के,
सोच यही दिन रातों की।।
सरयू सपना साकार हो गया,
नया सवेरा आज हुआ…

हनुमानगढ़ी से बजरंग बाला,
सेवा को तैयार दिखे।
खत्म हुआ अब इंतजार,
प्रफुल्लित अपरम पार दिखे।।
उद्घोष जय श्री राम संग,
उल्लासित सर्व समाज हुआ…

इठलाई है जन्म धरा,
अपने बदले दिनमानो से।
गुंजित ये ब्रह्मांड हो गया,
श्रीराम के मंगल गानों से।।
पाकर रघुनंदन दर्शन,
धन्य आज “शिवराज” हुआ…
राम जन्म भू मंदिर पूजन,
नव दिन का आगाज हुआ…

*शिवराज चौहान*
*नांधा* रेवाड़ी।
(हरियाणा)
*०५-०८-२०२०*

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