KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

मौका मिला है परिवार के साथ जुड़ने का

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मौका मिला है परिवार के साथ को जुड़ने का


बस बंद करो बहुत हुई, आपसी कलह
क्या मिलेगा तुम्हें परिवार तोड़ने का।


आज है विश्व परिवार दिवस,
मौका मिला है परिवार के साथ जुड़ने का।


संयुक्त परिवार तो बचे नहीं,
एकल परिवारों में भी घुलता जहर,
पराए आकर लड़वा जाते अपनों को,
बरसाकर बेइज़्जती, बेईमानी का कहर।
दिन पर दिन रिश्तों में क्यूं आ रही दूरियां,
कौन बनेगा माध्यम ? परिवार को जोड़ने का,


आज है विश्व परिवार दिवस,
मौका मिला है परिवार के साथ जुड़ने का।


कभी नौकरी की चाह,कहीं है आजादी की चाह,
नैतिकता ,संस्कार को भूलकर,क्यूं अपनाने लगे बेईमानी की राह,


बुजुर्गों के संस्कारों को दरकिनार कर दिया,
क्या यही कर्ज उतारा है तुमने उनके पालने का,
समाज में घटती नैतिकता के दुष्परिणाम,
सभी के परिवार बिखर रहे चाहे खास हो या आम,
क्या फायदा तुम्हारे ऐसे बाहरी दान पुण्य का,
जब परिवार के लोग भी खाने को तरस रहे,
बाहर के लिए खजाने खोलने का।


आज है विश्व परिवार दिवस,
मौका मिला है परिवार के साथ जुड़ने का।


लौटा दो बच्चों को भी दादी बाबा का प्यार,
बच्चे भी बड़ों के सानिध्य में रहकर सीखे संस्कार,
अपने बुजुर्ग माता-पिता भाई-बहन के संग रहकर व्यक्त करें अपना आभार,

विश्व परिवार दिवस मना कर फिर जोड़े अपना बिखरा परिवार,
पड़ी है जो परिवारों में गांठ,
गांठो को खोलकर पढ़ाओ बच्चों को नैतिकता का पाठ,
आओ मनाएं विश्व परिवार दिवस की वर्षगांठ,
एकता की कोशिश इतनी सी सभी परिवार रहे प्यार से साथ।।


आज है विश्व परिवार दिवस,
मौका मिला है परिवार के साथ जुड़ने का।


एकता गुप्ता ‘काव्या’

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9 Comments
  1. एकता गुप्ता says

    उत्साहवर्धक समीक्षा हेतु आप सभी का सादर अभिनंदन 🙏

  2. Ankit says

    Wonderful poem. Thank you for sharing.

  3. Raunak Srivastava says

    Bhtt sundr

  4. Pragya sahu says

    Very nice

  5. Ayush Gupta says

    Wah wah kya baat hai

  6. Amita Gupta says

    विश्व परिवार दिवस मना कर फिर जोड़े अपना परिवार,
    विश्व परिवार दिवस पर बहुत उत्तम अभिव्यक्ति

  7. Susheel Kumar says

    👌👌👌🙏🙏🙏
    अति सुंदर रचना

  8. Lucky says

    कविता के माध्यम से परिवार को फिर से एक करने की बहुत सुंदर अभिव्यक्ति

  9. Lucky says

    Very nice poem