मौत का कुछ तो इंतज़ाम करें

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मौत का कुछ तो इंतज़ाम करें,
नेकियाँ थोड़ी अपने नाम करें।
कुछ सलीका दिखा मिलें पहले,
बात लोगों से फिर तमाम करें।
सर पे औलाद को न इतना चढ़ा,
खाना पीना तलक हराम करें।
दिल में सच्ची रखें मुहब्बत जो,
महफिलों में न इश्क़ आम करें।
वक़्त फिर लौट के न आये कभी,
चाहे जितना भी ताम झाम करें।
या खुदा सरफिरों से तू ही बचा,
रोज हड़तालें, चक्का जाम करें।
पाँच वर्षों तलक तो सुध ली नहीं,
कैसे अब उनको हम सलाम करें।
खा गये देश लूट नेताजी,
आप अब और कोई काम करें।
आज तक जो न कर सका था ‘नमन’,
काम वो उसके ये कलाम करें।
बासुदेव अग्रवाल ‘नमन’
तिनसुकिया
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बासुदेव अग्रवाल 'नमन'

परिचय -बासुदेव अग्रवाल 'नमन' नाम- बासुदेव अग्रवाल; शिक्षा - B. Com. जन्म दिन - 28 अगस्त, 1952; निवास स्थान - तिनसुकिया (असम) रुचि - काव्य की हर विधा में सृजन करना। हिन्दी साहित्य की हर प्रचलित छंद, गीत, नवगीत, हाइकु, सेदोका, वर्ण पिरामिड, गज़ल, मुक्तक, सवैया, घनाक्षरी इत्यादि। हिंदी साहित्य की पारंपरिक छंदों में विशेष रुचि है और मात्रिक एवं वार्णिक लगभग सभी प्रचलित छंदों में काव्य सृजन में सतत संलग्न हूँ। परिचय - वर्तमान में मैँ असम प्रदेश के तिनसुकिया नगर में हूँ। whatsapp के कई ग्रुप से जुड़ा हुआ हूँ जिससे साहित्यिक कृतियों एवम् विचारों का आदान प्रदान गणमान्य साहित्यकारों से होता रहता है। इसके अतिरिक्त हिंदी साहित्य की अधिकांश प्रतिष्ठित वेब साइट में मेरी रचनाएँ प्रकाशित होती रहती हैं। सम्मान- मेरी रचनाएँ देश के सम्मानित समाचारपत्रों में नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती है। हिंदी साहित्य से जुड़े विभिन्न ग्रूप और संस्थानों से कई अलंकरण और प्रसस्ति पत्र नियमित प्राप्त होते रहते हैं। Blog - https://www. nayekavi.blogspot.com