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नोनी के लाज

गीतिका छन्दगीत पर रचना जिसका मापनी:- 2122-2122,2122-212 है।

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नोनी के लाज

*देख ले रावण दुशासन, चीर बर तइयार हे….*
*लाज ला कइसन बचावँव, सोच आँसू धार हे…*

कोनला बइरी बरोबर, कोन हितवा जान हूँ।
नातदारी के भरम मा, कोनला पहिचान हूँ।
कोन पानी में नशा हे, कोन ला मैं छान हूँ।
देख पाहूँ जब शिकारी, जाल ला मैं तान हूँ।

*रोज के संसो परे हे, मोह के संसार हे…
*लाज ला कइसन बचावँव, सोच आँसू धार हे…*

आजकल के छोकरा हा, नेट ले बीमार हे।
हाथ मोबाइल धरे हे, जेब ले देवार हे।
बाँस जइसन हे गठनहा, देख ले खुसियार हे।
वाह लइका तोर आघू, देवता के हार हे।

*राधिका जाने नहीं अउ, कृष्ण जैसन प्यार हे…*
*लाज ला कइसन बचावँव, सोच आँसू धार हे…*

जान डारे कोख़ बेटी, भ्रूण हत्या में मरे।
कोख़ ले जब बाँच जाबे, नोच गिधवा कस धरे।
हाय बेटी के लुटइया, काम ते कइसन करे।
देख ले कलजुग जमाना, ईशवर ले नइ डरे।

*रामजी के राज मा अब, घोर अत्याचार हे…*
*लाज ला कइसन बचावँव, सोच आँसू धार हे…*

==डॉ ओमकार साहू *मृदुल* 06/10/2021==

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