मातृभाषा हिंदी – बाबूलाल शर्मा

मातृभाषा हिंदी हिन्दी भारत देश में, भाषा मातृ समान। सुन्दर भाषा लिपि सुघड़, देव नागरी मान।।आदि मात संस्कृत शुभे, हिंदी सेतु समान।अंग्रेजी सौतन बनी , अंतरमन पहचान।।हिन्दी की बेटी बनी,…

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जीवन पर कविता – नीरामणी श्रीवास

सिंहावलोकनी दोहा मुक्तकजीवनजीवन के इस खेल में,कभी मिले गर हार ।हार मान मत बैठिए , पुनः कर्म कर सार ।।सार जीवनी का यही , नहीं छोड़ना आस ।आस पूर्ण होगा…

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प्रात: वन्दन – हरीश बिष्ट

🌹🙏सुप्रभात🙏🌹🙏🌹प्रात: वन्दन🌹🙏जन-जन  की रक्षा है  करती |भक्तजनों  के दुख भी हरती ||ऊँचे   पर्वत   माँ   का   डेरा |माँ   करती   है  वहीं  बसेरा ||भक्त   पुकारे   दौड़ी   आती |दुष्टजनों   को   धूल  चटाती ||भक्तों  …

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घर-घर में गणराज – परमानंद निषाद

*घर-घर में गणराज (दोहा छंद)*आए दर पे आपके, कृपा करो गणराज।हे लम्बोदर दुख हरो, मंगल करिए काज।१।पहली पूजा आपकी, होता है गणराज।गणपति सुन लो प्रार्थना, रखना मेरी लाज।२।गौरी लाल गणेश…

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गणपति पर कविता – नीरामणी श्रीवास नियति

गणपति पर कविता गणपति बप्पा आ गए ,भादो के शुभ माह।भूले भटके जो रहे , उन्हें दिखाना राह ।।उन्हें दिखाना राह , कर्म सत में पग धारे ।अंतस के खल…

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भ्रमर दोहे – बाबूराम सिंह

भ्रमर दोहे आगे-आगे जा करे,जो सुधैर्य से काम।बाढे़ चारो ओर से , ढे़रों नेकी नाम।।प्यासेको पानी पिला,भूखेको दोभीख।वेदों शास्त्रोंका यहीं,लाखों में है सीख।।जाने माने लोग भी ,हो जाते हैं फेल।पूर्ण…

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प्रेम के गीत – बाबूलाल शर्मा विज्ञ

प्रेम के गीत - बाबूलाल शर्मा लिखे प्रेम के गीत सुहाने।रीति सनातन मीत निभाने।।'विज्ञ' बने मन मीत हमारे।प्रीति निभे सद्भभाव विचारे।।१कर मात्रा का ज्ञान रचें कवि।'विज्ञ' सृजन करते देखे रवि।।हो…

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किसे पता है कल क्या होगा – बाबूराम सिंह

किसे पता है कल क्या होगा निज स्वार्थ में बल क्या होगा?कभी किसीका भल क्या होगा?वर्तमान का सदुपयोग कर- आज नहीं तो कल क्या होगा?एकता बिन मनोबल क्या होगा?साहस बिन…

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भाद्रपद कृष्ण श्रीकृष्ण जन्माष्टमी Bhadrapada Krishna Sri Krishna Janmashtami
भाद्रपद कृष्ण श्रीकृष्ण जन्माष्टमी Bhadrapada Krishna Sri Krishna Janmashtami

गोकुल में कृष्ण जन्मोत्सव – बाबूराम सिंह

गोकुल में कृष्ण जन्मोत्सव भाद्रपद कृष्ण श्रीकृष्ण जन्माष्टमी Bhadrapada Krishna Sri Krishna Janmashtami                        जन्म  उत्सव मोहन का,  देखन देव महान।भेष  बदल  यादव  बनें  ,यशोदा के मकान ।।सब  देवों  की नारियाँ…

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hindi gazal || हिंदी ग़ज़ल
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नये तराने – माधुरी मुस्कान ग़ज़ल

नये तराने - माधुरी मुस्कान ग़ज़ल करीब आओ न दूर जाओ मुझे गले से सनम लगा लो।न जी सकेंगे न मर सकेंगे जहाँ भी हो तुम हमे बुला लो ।।…

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