कविता 24 पापा मैं तेरी, प्यारी सी गुड़िया-मनीभाई नवरत्न

कविता 24
पापा मैं तेरी, प्यारी सी गुड़िया
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पापा मैं तेरी, प्यारी सी गुड़िया
मन की भोली हूँ,जादू की पुड़िया
देख लेना मैं उड़ जाऊंगी एक दिन
फुर्र से आसमान में बनके चिड़िया.
पापा मैं तेरी, प्यारी सी गुड़िया
बड़ी फिक्र है तुम्हें मेरी, कसम से.
ढूंढते हैं मुझे तेरे नैना.
कहते नहीं हो अपने मुख से ,
पर सोचते हो ये  हर पल रैना….
हूँ आपकी मैं जिन्दगी, और ये दुनिया.
पापा मैं तेरी, प्यारी सी गुड़िया.
सुबह उठाते हो मुझे हर रोज.
नहलाते खाना खिलाते हो रोज।।
स्कूल से आती मैं करते मौज,
देखती हूँ आप कमाते हो रोज।।
तेरे पसीने से खिलूंगी , मैं फूल बन बगिया।।
पापा मैं तेरी, प्यारी सी गुड़िया
मनीभाई”नवरत्न”

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मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़

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