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पद्मा के दोहे – मंगल हो नववर्ष

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पद्मा के दोहे – मंगल हो नववर्ष

दास चरण नित राखिए, हे सतगुरु भगवान ।
विघ्न हरो मंगल करो, शुभता दो वरदान।।1

मंगल हो नव वर्ष में , ऐसा दो वरदान।
त्रास हरो संसार का, हे कृपालु भगवान।।2

कोरोना के त्रास में, सत्र बिताएँ बीस।
स्वास्थ्य खुशी सौभाग्य दें, मंगल हो इक्कीस।।3

लेकर नूतन वर्ष को, मन में भरे उमंग।
मंगल सबका काज हो, बाजे खुशी मृदंग।।4

बुरे कर्म करना नहीं, करना है सत्कर्म ।
मंगलकारी काज हो, करो परमार्थ धर्म।।5

नए वर्ष में प्रण करें , वसुधा करें श्रृंगार ।
जंगल में मंगल सदा, वृक्ष बने उपहार।।6

नया वर्ष खुशियों भरा , गाओ मंगल गीत ।
छोड़ो कटुता बढ़ चलो, मन में रखकर प्रीत।।7

करें सभी जन प्रार्थना, नया वर्ष हो खास।
हर्षित वसुधा हो सदा, करें पाप का नाश।।8

है कराह रही वसुधा, देख विश्व का ताप ।
शुद्ध वातावरण नहीं, करें घृणित सब पाप।।9

करें ईश से प्रार्थना, नवल सृजन नववर्ष।
सिर पर प्रभु का हाथ हो, करने को उत्कर्ष।।10

नव प्रसंग नव वर्ष में, लेकर चलना साथ ।
धर्म कर्म धारण करो, नवल भोर के हाथ।।11

पद्मा करती कामना, रहें सभी खुशहाल।
मान खुशी ऐश्वर्य से, जीवन सदा निहाल।।12

पद्मा साहू “पर्वणी”
खैरागढ़ राजनांदगांव छत्तीसगढ़

दिनांक 28/ 12/ 2020

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1 Comment
  1. श्रेयांश says

    बहुत सुंदर दोहे