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सरसी छंद : पेड़ लगाओ-महेंद्र देवांगन माटी

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सरसी छंद : पेड़ लगाओ-महेंद्र देवांगन माटी

आओ मिलकर पेड़ लगायें, सबको मिलेगी छाँव ।
हरी-भरी हो जाये धरती,  मस्त दिखेगा गाँव ।।1।।

पेड़ों से मिलती हैं लकड़ी , सबके आती काम ।
जो बोते हैं बीज उसी का, चलता हरदम नाम ।।2।।

सुबह शाम तुम पानी डालो , इतना कर उपकार ।
गाय बैल से उसे बचाओ , बनकर पहरेदार ।।3।।

आओ मिलकर पेड़ लगायें,  सबको मिलेगी  छाँव ।
हरी-भरी हो जाये धरती, मस्त दिखेगा गाँव ।। 4।।

-महेंद्र देवांगन माटी