23 दिसम्बर किसान दिवस 23 December Farmer's Day

खेती किसानी पर कविता

खेती किसानी पर कविता

23 दिसम्बर किसान दिवस 23 December Farmer's Day
23 दिसम्बर किसान दिवस 23 December Farmer’s Day

नांगर बइला पागा खुमरी संग
हावय हमरो मितानी
होवत बिहनिया सूरूज जोत संग
करथंन खेती किसानी

धरती दाई के सेवा बजाथंव
चरण मा मांथ नवावंव
रुख राई मोर डोंगरी पहाड़ी
बनके मँय इतरावंव
कलकल छलकत गंगा जइसन
धार हे अरपा के पानी
होवत बिहनिया सूरूज जोत संग
करथंन खेती किसानी

हरियर हरियर खेती अउ डोली
लहर लहर लहरावय
पड़की परेवना कोयली मिट्ठू
करमा ददरिया गावय
धरती दाई के कोरा मा सगरो
खुश होथे जिनगानी
होवत बिहनिया सूरूज जोत संग
करथंन खेती किसानी

भुंइया के भगवान हरन गा
धनहा ले सोना उगाथंन
रहिथन सुख दुख मा संग सबो के
सुमता के दीया जलाथंन
मया पीरीत के बंधना गजब हे
दुनिया मा नइहे सानी
होवत बिहनिया सूरूज जोत संग
करथंन खेती किसानी

आवव भइय्या आवव दीदी
आवव हितवा मितान
रक्षा करबो धरती दाई के
बनके जवान किसान
छत्तीसगढ़ के महिमा अजब हे
सुग्घर हावय निशानी
होवत बिहनिया सूरूज जोत संग
करथंव खेती किसानी

तोषण चुरेन्द्र दिनकर
धनगांव डौंडी लोहारा
बालोद छत्तीसगढ़

Please follow and like us:

Leave a Comment

Your email address will not be published. Required fields are marked *

You cannot copy content of this page