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प्रीतम पाती प्रेमरस…

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प्रीतम पाती प्रेमरस ( दोहा-छंद)

पावन पुन्य पुनीत पल, प्रणय प्रीत प्रतिपाल।
जन्मदिवस शुभ आपका, प्रियतम प्राणाधार।
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प्रिय पत्नी प्रण पालती, प्राणनाथ पतिसंग।
जन्मदिवस जुग जुग जपूँ, रहे सुहाग अभंग।।
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प्रियतम पाती प्रेमरस, पाइ पठाई पंथ।
जागत जोहू जन्मदिन, जगत जनाऊँ कंत।।
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जनमे जग जो जानिए, जन्म दिवस जगभूप।
प्रिय परिजन परिवार, पर,प्यार प्रेम प्रतिरूप।
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जन्म दिवस शुभकामना, कैसे कहूँ विशेष।
प्रियतम मैं तुझ में रहूँ, मेरे मनज महेश।।
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प्राणनाथ प्रिय पुरवऊ, पावन पुन्य प्रतीत।
परमेश्वर प्रतिपालना, पाऊँ प्रियतम प्रीत।।
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पग पग पायलिया पगूँ, पाय पिया प्रति प्यार।
पल पल पाँव पखारती, पारावर पतवार।।
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पाल पोष प्रतिपाल पहिं, प्राण पियारी प्रीत।
पावन पावक पाकते ,पाहन प्रेम पलीत।।
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पारावर पारागमन, पाप पुण्य पतवार।
प्रियवर पोत प्रचारती, प्रभु पाती प्रतिहार।।
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परिजन पाहन पूजते, पर्वत पंथ पठार।
प्रियतम पद परितोषिए, पाले प्रिय परिवार।।
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प्रीतम पाती प्रेयसी, पढ़त प्यार परिमान।
पढ़त पीव पलकों पले, प्रीत पिया प्रतिमान।।
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पाहन पारावरन पर, प्रण पाले प्रतिपाल।
पिया पान परमेश्वरः, पारागमन पताल।।
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पीहर पाक पवित्रता, परधन पंक प्रमान।
पुरष पराये पातकी, पितर पीर प्रतिमान।।
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पैजनिया पग पहनती, पान परागी पीक।
पिय पिनाकी पींग पर, पूरव पवन प्रतीक।।
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पारस्परिक परम्परा, प्रियतम पीहर पंथ।
प्रेम पनाह परिक्रमा, प्रीत प्राण परिपंथ।।
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बाबू लाल शर्मा “बौहरा” विज्ञ

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