KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

कविता बहार बाल मंच ज्वाइन करें @ WhatsApp

@ Telegram @ WhatsApp @ Facebook @ Twitter @ Youtube

प्रियतम कितने प्यारे हो

0 138

प्रियतम कितने प्यारे हो

kavita bahar
kavita bahar


प्रियतम कितने प्यारे हो,मेरी आँखों से पूछो।
पढ़ लो इन अँखियों में बस एक नजर देखो।
बसे हो श्वांस श्वांस में न बिछुडे जन्मसात में,
आरजू है मेरी ,रखें निज हाथ,हाथ में।


है नेह तुमसे कितना , कैसे तुम्हें बताऊँ ।
धड़कन में तुम बसे, दिल चीर कर दिखाऊँ।
मेंहदी से रचो हाथ मे,बिंदी से सजो माथ में।
बसे हो श्वांस श्वांस में,न बिछुडे जन्मसात में,


मांगा जो मैंने विधि से,वैसा सजना है पाया।
मेरे प्राण मेरे साथी,बस मेरे मन है भाया।
जियेंगे साथ साथ में,लेकर हाथ हाथ में।
बसे हो श्वांस श्वांस में न बिछुडे जन्मसात में


तुम्ही मेरी खुशियाँ हो,तुम्ही मेरी बन्दगी हो।
पलकों में छुपाया है,तुम्ही मेरी जिन्दगी हो।
रहना नैनों के पास में,मिले हो सौगात में ।
बसे हो श्वांस श्वांस में न बिछुडे जन्मसात में


आरजू है दिल की, जब जब जनम मिले ।
मेरे मीत संग मुझको सौ सौ जनम मिले।
रहें खुश साथ साथ में,हँसे मेरी बात बात में।
बसे हो श्वांस श्वांस में न बिछुडे जन्मसात में
बसे हो — – – –

सादर©

केवरा यदु “मीरा “
राजिम (छ0ग)??

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.