Join Our Community

Publish Your Poems

CLICK & SUPPORT

पुलिस मेरे शहर की

0 185

पुलिस मेरे शहर की

अपनी पर  आ  जाए तो
मुर्दों से भी उगलवाती है
जटिल से जटिल मामला
यूं मिनटों में  निपटाती है
पुलिस मेरे शहर की||

सुस्ती और लापरवाही में
कितने  मामले  दबाती है
चाय – पानी  के  बगैर  ये
महीनों  भर  लटकाती  है
पुलिस मेरे शहर की||

मामला   कुछ   और  होए
उसे और कुछ ही बनाती है
सीधे -साधे मामलों को भी
बे वजह ले  दे उलझाती है
पुलिस मेरे शहर की|\

CLICK & SUPPORT

पैसे  वाले  के  समक्ष  तो
ये नतमस्तक हो जाती  है
गरीब,वंचित,असहाय को
पीटती  और धमकाती है
पुलिस मेरे शहर की||

नशा माफिया और जुआरी
पकड़  कर  नहीं  लाती  है
आ जाए हाथ शरीफ कोई
क्या – क्या धारा लगाती है
पुलिस मेरे शहर की||

विनोद सिल्‍ला

771/14, गीता कॉलोनी, नज. धर्मशाला
डांगरा रोड़, टोहाना
जिला फतेहाबाद  (हरियाणा)
पिन कोड 125120

 इस पोस्ट को like करें (function(d,e,s){if(d.getElementById(“likebtn_wjs”))return;a=d.createElement(e);m=d.getElementsByTagName(e)[0];a.async=1;a.id=”likebtn_wjs”;a.src=s;m.parentNode.insertBefore(a, m)})(document,”script”,”//w.likebtn.com/js/w/widget.js”);
कविता बहार से जुड़ने के लिये धन्यवाद

Leave A Reply

Your email address will not be published.