KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

Kavita Bahar Members

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कविता बहार में आपका स्वागत है

नाम नूर मोहम्मद मोहल्ला खजूर तला हाशिम खान चौक सहारनपुर उत्तर प्रदेश सर मैं नया कवि शायर बना हूं आप मेरी हौसला अफजाई के लिए अपने ब्लॉग पर मेरी कविताएं और शेर प्रकाशित कीजिए ताकि मेरा हौसला अफजाई हो और मैं आगे और अच्छा लिख सकूं बहुत-बहुत शुक्रिया सर

असम प्रदेश के तिनसुकिया शहर में रहती हूँ। देश की अनेक साहित्यिक प्रतिष्ठित शाखाओं से जुड़ी हुई हूँ।

हिंदी साहित्य की पारंपरिक छंदों में विशेष रुचि है और मात्रिक एवं वर्णिक लगभग सभी प्रचलित छंदों में काव्य सृजन में सतत संलग्न हूँ।

मेरी रचनाएँ देश की सम्मानित वेब पत्रिकाओं में नियमित रूप से प्रकाशित होती रहती हैं। हिंदी साहित्य से जुड़े विभिन्न ग्रूप और संस्थानों से कई अलंकरण और प्रसस्ति पत्र नियमित प्राप्त होते रहते हैं।

प्रकाशित पुस्तकें-मेरे एकल 5 कविता संग्रह तथा अनेक साझा संग्रह है।

What was your country to me, what has happened now.

You were the world guru, you were rich in culture.

Here came a series of water-burning attacks.

Still don't shake your spirits

The whole world was there when there was an outcry of world war.

You have faced innumerable blows on the head again.

Jai Jai car was also yours.

break the chains of slavery

You again went out to make your identity.

Taught the world to adopt your own culture

People of different sects are there for you.

But you were always one for all.

You went to measure the space with your flag

With folded hands, the whole world is seeing you.

My name is Harshit Shubh Srivastava
My father name is Mr ajay srivastava
I study in class diploma polytechnic