KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

हिंदी संग्रह कविता- राष्ट्र की जय

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राष्ट्र की जय


राष्ट्र की जय चेतना का, गान वन्दे मातरम्
राष्ट्र भक्ति प्रेरणा का, गान वन्दे मातरम् ।


बंसी के बजते स्वरों का, प्राण वन्दे मातरम्
झल्लरी झंकार झनके, नाद वन्दे मातरम् ।
शंख के संघोष का, संदेश वन्दे मातरम्। राष्ट्र भक्ति.


सृष्टि बीज मंत्र का है, मर्म वन्दे मातरम्
राम के वनवास का है, काव्य वन्दे मातरम्
दिव्य जौहर ज्वाल का है तेज वन्दे मातरम्। राष्ट्र भक्ति


हल्दी घाटी के कणों में व्याप्त वन्दे मातरम्।
वीरों के बलिदान की, हुंकार, वन्दे मातरम्।
जनजन के हर कण्ठ का, हो गान वन्दे मातरम्।


अरिदल थर-थर कापें सुनकर नाद वन्दे मातरम्।
वीर पुत्रों की अमर ललकार वन्दे मातरम्। राष्ट्र भक्ति …

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