KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

सुकमोती चौहान के हाइकु (Ruchi ke haiku)

सुकमोती चौहान के हाइकु

पितर पाख~
पति की तस्वीर में
फूलों की माला।
पूस की रात~
भुट्टे भून रही है
अलाव में माँ।
श्मशान घाट~
कुत्ते के भौंकने से
सहमा रामू।
श्रृंगार पेटी~
गौरैया नोंचे देख
शीशा में छवि।
गौरैया झुँड़
चुग रहे हैं दाने~
धूप सुगंध।
पीपल पात
खा रही बकरियाँ~
वृक ताक में।
गौ टीले पर~
शेरनी के मुँह में
बछड़ा ग्रीवा।
मयूर नृत्य~
मोबाइल देखते
बच्चों की टोली।
कश्ती में छेद~
मृतकों को खोजते
रेसक्यू टीम।
हिना के छाप
बच्चा के गाल पर-
माँ फोन मग्न।
सुकमोती चौहान रुचि