KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

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साल नया आ गया

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साल नया आ गया

नई प्रभात की नई किरण ।
नई खुशबू भरा नई पवन ।
नई उल्लास से नया जीवन ।
नई उमंग भरा नई यौवन ।


सब लागे नया नया ।
हाँ!साल नया आ गया ।
नई ठौर पर नई निगाह ।
नया जोश संग नई उत्साह।


नया होश लेके नई चाह ।
नई मंजिल के लिए नई राह।
सब कुछ लागे नया नया ।
हाँ! साल नया आ गया ।


नई मोड़ से नई दिशा ।
नई कदम और नई आशा।
नया दिन और नई निशा।
नया जाम में नया नशा ।


सब कुछ लागे नया नया ।
हाँ! साल नया आ गया।

 मनीभाई ‘नवरत्न’,छत्तीसगढ़, 

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