शहर शहर निर्भया

शहर – शहर निर्भया ,
और गाँव – गाँव सवाल है !
गाँव हो या शहर देखों,
हर जगह बुरा हाल है !!

दिल्ली देखों,
एम पी देखों !
सी जी देखों,
यू पी देखों !!
सभी जगह एक ही हाल है !

कब तक यही चलता रहेगा,
निर्भया को कब मिलेगा इंसाफ़ !
कब गुनाहगारों को सजा मिलेगी,
कब तक करोगे माफ़ !!
हर लबों में एक ही सवाल है !

नाम बदला तारीख बदला,

समय और स्थान बदला !

प्रताड़ित हो रहीं हैं बेटियाँ,
पर निर्भया कांड न बदला !!
“अनन्य ” यही मलाल है !

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