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सिंगार भजन

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सिंगार भजन

सिंगार माता दुर्गा करन लागे हो ।
सिंगार माता दुर्गा करन लागे हो ।
मोहिनी मुरतिया लाल चुनरिया होऽऽऽ
मोहिनी मुरतिया लाल चुनरिया नैनन भावे हो ।
सिंगार माता दुर्गा करन लागे हो ।
सिर सोने के क्षत्र बिराजे माथे सोहे बिंदिया ।
माथे सोहे बिंदिया  भवानी माथे सोहे बिंदिया ।
लाल कमल दल होठ भवानी हो  —-
लाल कमल दल होठ भवानी नैनन भावे हो ।
सिंगार माता दुर्गा करन लागे हो ।
कानों में कुन्डलिया सोहे नाक में सोहे नथनिया ।
नाक में सोहे नथनिया भवानी नाक में सोहे नथनिया ।
नव लखा हार गले में दमके हो–
नव लखा हार गले में दमके हो नैनन भावे हो ।
सिंगार माता दुर्गा करन लागे हो ।
बाँहों में बाजूबँद दमके खन खन खनके कँगना ।
खन खन खनके कँगना भवानी खन खन खनके कँगना ।
हरि हरि चूड़ियाँ हाथ में खनके हो—-
हरि हरि चूड़ियाँ हाथ में खनके नैनन भावे हो ।
सिंगार माता दुर्गा करन लागे हो ।
लाली लाली लुगरा पहिरे ओढ़े लाल चुनरिया ।
ओढ़े लाल चुनरिया भवानी ओढ़े लाल चुनरिया ।
कमर में करधनिया सोहे हो—
कमर में करधनिया सोहे नैनन भावे हो ।
सिंगार माता दुर्गा करन लागे हो ।
पाँव में माँ के पायल छनके सोहे लाल माहुरिया ।
सोहे लाल माहुरिया भवानी सोहे लाल माहुरिया ।
चुटुक चुटुक माँ के बिछिया बाजे हो—
चुटुक चुटुक माँ के बिछिया बाजे नैनन भावे हो ।
सिंगार माता दुर्गा करन लागे हो ।
सिंगार माता दुर्गा करन लागे हो ।
मोहिनी मुरतिया लाल चुनरिया होऽऽऽ
मोहिनी मुरतिया लाल चुनरिया नैनन भावे हो ।
सिंगार माता-
केवरा यदु “मीरा “
कविता बहार से जुड़ने के लिये धन्यवाद

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