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सिरमौर कोरोना- राजाभइया गुप्ता ‘राजाभ’

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आधार छन्द – रजनी
मापनी – २१२२ २१२२ २१२२ २.
समान्त -और, पदान्त – कोरोना।

सिरमौर कोरोना


वायरस दल का बना सिरमौर कोरोना।
साथ लाया त्रासदी का दौर कोरोना।।

चीन से आकर जगत में पैर फैलाये,
बन महामारी डराये और कोरोना।

आक्रमण छुपकर करे फिर कष्ट दे भारी,
आज जीवन लीलता ज्यों कौर कोरोना।

भेद बिन पीड़ित सभी को कर रहा अब तो,
हो गया है क्रूर कितना पौर कोरोना।

सावधानी से नियम जो पाल लेता है,
हार उससे छोड़ दे निज ठौर कोरोना।

दूर जब ‘राजाभ’ करता संक्रमण अपना,
पास आने को न करता गौर कोरोना।


रचयिता-राजाभइया गुप्ता ‘राजाभ’
लखनऊ.

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