KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

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निंदा पर सोरठा- मनीभाई

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निंदा पर सोरठा

चुगली औषधि होत, करती मरहम काम जो।
परनिंदा दुख स्रोत ,        स्वनिंदा बैकुंठ सम।।
✒️ मनीभाई ‘नवरत्न’

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