KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

आओ मिलकर पेड़ लगाएं

0 132

आओ मिलकर पेड़ लगाएं

सूनी धरा को फिर खिलाएं
धरती मां के आंचल को हम
रंगीन फूलों से सजाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं।।

न रहे रिश्तों में कभी दूरियां
चाहे हो गम चाहे मजबूरियां
मिलकर घर सब सजाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं।।

वन की सब रखवाली करें
सूखे लकड़ियो से काम चलाएं
कैसे न खुश होंगी फिजाएं
आओ मिलकर पेड़ लगाएं।।

अगर करोगे वन विनाश
बीमारियों का घर में होगा वास
भू में स्वच्छ वातावरण बनाएं
आओ मिलकर एक पेंड लगाएं।।

क्रान्ति, सीतापुर, सरगुजा छग

You might also like
Leave A Reply

Your email address will not be published.