KAVITA BAHAR
SHABDON KA SHRIGAR

स्त्री : शक्ति प्रतिमूर्ति

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स्त्री : शक्ति प्रतिमूर्ति

स्त्री,
शक्ति प्रतिमूर्ति,
विविध रूप धरती ;
सदा सम्मान,
दीजिये!

वाणी,
हंसवाहिनी वीणापाणी,
ज्ञान- दान करती;
भक्ति – भाव,
पूजिये!

रमा,
पद्मप्रिया पद्मा,
स्वर्ण धन बरसाती;
संपदा – सिंधु,
भिंजिये!

गिरिजा,
शिवप्रिया गिरिसुता,
सतित्व धर्म सिखाती;
सदा उर,
धरिये!

सीता,
सौम्य सरलता,
धैर्य – धारण कराती;
सहन – शक्ति,
लीजिये!

राधिका,
कृष्ण आराधिका,
प्रीत – पथ दिखाती ;
प्रणय प्रणयन,
कीजिये!

साधना मिश्रा, रायगढ़- छत्तीसगढ़

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