Join Our Community

Publish Your Poems

CLICK & SUPPORT

सुनो एक काम करते हैं

0 158

सुनो एक काम करते हैं

सुनो एक काम करते हैं दोनों भाग जाते हैं
चलेंगे उस जगह पे हम जहां सब मुस्कुराते हैं
बहारों का हंसी मौसम जहाँ हर रोज़ रहता हो
पपीहे पीहू पीहू के जहाँ पे गीत गाते हैं

दूर तक फैला हो अम्बर क्षितिज सा इक नज़ारा हो
बीच खेतों के सुंदर सा वहीं इक घर हमारा हो
जिसके अँगने में सभी पँछी डाल पे चहचहाते हैं
सुनो एक काम ………….

CLICK & SUPPORT

नहीं है ये कोई सौदा,नहीं है कोई लाचारी
सच्चा प्यार दिल में है तो करलो तुम ये तैयारी
जानेमन न घबराओ हम तुमपे जान लुटाते हैं
सुनो एक काम…..

ज़रा दो हाथ हाथों में तुमसे वादा इक करना है
ये ‘चाहत’ दिललगी सब कुछ तुम्हारे नाम करना है
चलो न प्रेम की प्यारी सी हम बगिया सजाते हैं
सुनो एक काम …….

***************************************

नेहा चाचरा बहल ‘चाहत’
झाँसी

Leave A Reply

Your email address will not be published.