स्वास्थ्य जीवन है

स्वास्थ्य जीवन है

स्वास्थ्य जीवन है।
स्वास्थ्य ही धन है।
स्वास्थ्य से परे
ना उन्नति,अमन है।

स्वस्थ व्यक्ति से स्वस्थ समाज ।
स्वस्थ समाज से विकसित राज ।
विकसित देश बनाये चलो मिलके,
योग व संयम को अपनालें आज।

जीवन हो अपनी प्राकृतिक ।
आहार हो बिल्कुल संतुलित ।
व्यवहार में मधुरता हो मिश्रित ।
आचार-विचार हों अपनी संयमित।

इस हेतु जुड़े आध्यात्म से
साहित्य,संगीत और सत्संग से ।
अपना स्वास्थ्य है अपने हाथ,
मिलना सभी से प्रसन्न और उमंग से।

आज भटकते देश के कर्णधार ।
कृत्रिम खान पान की हुई भरमार।
भागमभाग तनाव जीवन में
शरीर बन चुका रोगों का भंडार ।

आओ समझें अब असलियत ।
ना कम होने पायें शारीरिक मेहनत ।
अच्छी स्वास्थ्य के बिना सब व्यर्थ ।
आज बनी सेहत सबसे बड़ी जरूरत ।
(रचयिता :- मनी भाई )

(Visited 7 times, 1 visits today)

मनीभाई नवरत्न

छत्तीसगढ़ प्रदेश के महासमुंद जिले के अंतर्गत बसना क्षेत्र फुलझर राज अंचल में भौंरादादर नाम का एक छोटा सा गाँव है जहाँ पर 28 अक्टूबर 1986 को मनीलाल पटेल जी का जन्म हुआ। दो भाईयों में आप सबसे छोटे हैं । आपके पिता का नाम श्री नित्यानंद पटेल जो कि संगीत के शौकीन हैं, उसका असर आपके जीवन पर पड़ा । आप कक्षा दसवीं से गीत लिखना शुरू किये । माँ का नाम श्रीमती द्रोपदी पटेल है । बड़े भाई का नाम छबिलाल पटेल है। आपकी प्रारम्भिक शिक्षा ग्राम में ही हुई। उच्च शिक्षा निकटस्थ ग्राम लंबर से पूर्ण किया। महासमुंद में डी एड करने के बाद आप सतत शिक्षा कार्य से जुड़े हुए हैं। आपका विवाह 25 वर्ष में श्रीमती मीना पटेल से हुआ । आपके दो संतान हैं। पुत्री का नाम जानसी और पुत्र का नाम जीवंश पटेल है। संपादक कविता बहार बसना, महासमुंद, छत्तीसगढ़

प्रातिक्रिया दे