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नज़्म

नज़्म – मुझे समझा रही थी वो

बहुत मासूम लहजे में, बड़े नाज़ुक तरीके से मेरे गालों पे रखके हाथ समझाया था उसने ये सुनो इक बात मानोगे, अगर मुझसे है तुमको प्यार, तो इक एहसान कर देना जो…